थानों में भी किया बदलाव , किसको कहां मिली नई तैनाती !
गाजीपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल*
एसपी डॉ. इरज राजा ने किए 18 निरीक्षक-उपनिरीक्षकों के तबादले,
0कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद*
0योगेन्द्र कुमार पटेल बने पीआरओ एसपी, कई चौकी 0प्रभारियों की जिम्मेदारी बदली, तत्काल अनुपालन के आदेश*
अजीत केआर सिंह
गाजीपुर। जनपद में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा ने बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जनपदीय स्थापना बोर्ड की बैठक के बाद 1 निरीक्षक और 17 उपनिरीक्षकों के तबादला आदेश जारी किए गए हैं। सभी को तत्काल नई तैनाती स्थल पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसको कहां मिली नई तैनाती
जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक योगेन्द्र कुमार पटेल को पुलिस लाइन से हटाकर पुलिस अधीक्षक का पीआरओ बनाया गया है। वहीं उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव को चौकी प्रभारी खिजिरपुर थाना करण्डा, उपनिरीक्षक पन्नेलाल को चौकी प्रभारी मण्डी समिति थाना जंगीपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चौकी प्रभारियों की अदला-बदली
उपनिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार अब वरिष्ठ उपनिरीक्षक थाना बिरनो होंगे। उपनिरीक्षक रविन्द्र पाण्डेय को चौकी प्रभारी मटेहूं थाना मरदह, राजेश कुमार सिंह को चौकी प्रभारी ताजपुर कुर्रा थाना दिलदार नगर, हरिश्चन्द्र सिंह को चौकी प्रभारी रजादी हाईवे थाना नन्दगंज भेजा गया है।
उपनिरीक्षक सचिन सिंह को चौकी प्रभारी हंसराजपुर थाना शादियाबाद, शिव प्रसाद पाण्डेय को चौकी प्रभारी जेल थाना कोतवाली, अभिनव कुमार गुप्ता को चौकी प्रभारी रजागंज थाना कोतवाली और संतराम यादव को चौकी प्रभारी मख्दूमपुर थाना सादात बनाया गया है।
थानों में भी किया बदलाव
उपनिरीक्षक अशोक सिंह को थाना मरदह, सत्येन्द्र सिंह चन्देल को थाना गहमर, पुनीत कुमार को थाना कोतवाली, कमलभूषण राय को थाना कोतवाली, अजय प्रकाश पाण्डेय को थाना जमानियां, जनार्दन प्रसाद को थाना शादियाबाद भेजा गया है। उपनिरीक्षक राजेश कुमार सिंह को सीसीटीवी टीम थाना कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है।
एसपी ने दिए सख्त निर्देश
पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा ने सभी संबंधित प्रभारी अधिकारियों को तत्काल अनुपालन कराकर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि यह फेरबदल अपराध नियंत्रण, त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया गया है।
नई तैनाती पाने वाले अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जनता से संवाद बढ़ाने, अपराधियों पर नकेल कसने और लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
