कबीर फाउंडेशन ने इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड के सहयोग से 56 बालिकाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरण किया।

महोबा। जनपद महोबा के विकासखंड पनवाड़ी अंतर्गत स्थित राजकीय हाई स्कूल दुलारा में कबीर फाउंडेशन द्वारा इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड के सहयोग से आयोजित सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन प्रमाणपत्र वितरण समारोह के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 56 बालिकाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें रोजगारपरक कौशल प्रदान करना था।


यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत संचालित किया गया। इस पहल के माध्यम से क्षेत्र की बालिकाओं को सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे भविष्य में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी बालिकाएं प्रमाणपत्र प्राप्त कर अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न दिखाई दीं।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. डी. पी. सिंह ने कहा कि कौशल विकास से जुड़े ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि जब बेटियां आर्थिक रूप से सक्षम बनती हैं तो पूरे परिवार और समाज का विकास होता है। उन्होंने कबीर फाउंडेशन और इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नया अवसर मिला है।
इस अवसर पर बीएसएफ में सेवारत अंगूरी देवी ने भी बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आत्मविश्वास और कौशल दोनों बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर ये बालिकाएं न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं बल्कि अपने परिवार की आर्थिक सहायता भी कर सकती हैं। उन्होंने बालिकाओं को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।


विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमचंद्र अनुरागी ने कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बुंदेलखंड जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।
इस अवसर पर कालका प्रसाद गुप्ता ने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण आज के समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिलाई जैसे कौशल सीखकर ये बालिकाएं भविष्य में अपनी आजीविका स्वयं अर्जित कर सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान आईपीएस मृणालिनी श्रीवास्तव (मिनी दीदी) ने ऑनलाइन संदेश के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा रहा है और हम समृद्ध बुंदेलखंड के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागी बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ किया गया l

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