नवरात्रि पर टौंगा में चैता मुकाबले का आयोजन
चैता मुकाबले में दिखी लोकसंस्कृति की समृद्ध परंपरा की झलक
गाजीपुर। रेवतीपुर क्षेत्र के टौंगा गांव में बीते शुक्रवार देर रात अंतरप्रांतीय चैता मुकाबला और सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान लोकगीतों की मधुर रसधारा में पूरा क्षेत्र सराबोर हो गया। गांव के प्रांगण में सजे मंच पर चैता गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिससे देर रात तक संगीत और उत्साह का माहौल बना रहा।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नगसर (गाजीपुर) के प्रसिद्ध चैता गायक मधुसूदन ब्यास और बिहार के इटाढ़ी निवासी उमेश यादव के बीच हुआ रोमांचक मुकाबला था। मधुसूदन ब्यास के गोल में मथुरी, बेंजो पर सुनील, मिन्टु सावरिया, दीपक, प्रदुमन व उमेश यादव ब्यास गोल में नाल पर संतोष यादव, बेंजो डोमन जी, कोरस पर छोटक यादव, हरेराम सहित अनेक लोग थे। यह प्रतिस्पर्धा साढ़े नौ बजे तक चली, जिसमें दोनों कलाकारों ने अपने सुर, लय और भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।आयोजन की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान और सांस्कृतिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। इसके बाद चैता गायकों के बीच प्रतिस्पर्धा का सिलसिला शुरू हुआ। ढोलक, हारमोनियम और मंजीरे की सधी हुई ताल पर सजे गीतों ने श्रोताओं को रातभर बांधे रखा। दूर-दराज से आए कलाकारों की गायकी ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। बारिश की वजह से कार्यक्रम बाधित जरुर हुआ बावजूद दर्शकों का रेला लगातार बना रहा।।
मुकाबले में विभिन्न स्थानों से पहुंचे कलाकारों की भागीदारी ने कार्यक्रम के स्तर को बढ़ाया। हर प्रस्तुति में एक अलग रंग और ऊर्जा देखने को मिली, जिससे प्रतियोगिता रोचक और जीवंत बनी। मंच के सामने उमड़ी भारी भीड़ और तालियों की गूंज ने आयोजन की सफलता को दर्शाया।ग्रामीणों और आयोजकों के सामूहिक प्रयास से संपन्न इस आयोजन में भारतीय लोकसंस्कृति की समृद्ध परंपरा की सजीव झलक देखने को मिली। लोगों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और चैता जैसी प्राचीन लोकविधा के संरक्षण व संवर्धन के लिए ऐसे आयोजनों को अत्यंत आवश्यक बताया।आयोजकों ने बताया कि इस तरह के अंतरप्रांतीय सांस्कृतिक आयोजनों से कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है। साथ ही, नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और लोकसंस्कृति से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होता है। गायक रितेश उपाध्याय बबुआ ने दोनों ब्यास को सम्मानित किया।


इस अवसर पर अभिषेक उपाध्याय, सूर्य प्रकाश उपाध्याय, अरविंद उपाध्याय (डब्बू), राजन उपाध्याय, विजन उपाध्याय, प्रिंस मोनू उपाध्याय, श्याम नारायण ठाकुर, श्याम लाल राम, दिलीप उपाध्याय, सतीश चंद उपाध्याय, गोपाल जी उपाध्याय, विश्व दीपक उपाध्याय, ओमप्रकाश यादव, रितेश उपाध्याय सहित दर्जनों युवाओं का योगदान सराहनीय रहा। प्रदीप उपाध्याय ने सभी उपस्थित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।।
