2014 से 2026 : परिवर्तन के एक नए भारत की गाथा : अर्पित मिश्रा

भारत का लोकतांत्रिक इतिहास अनेक उतार-चढ़ावों का साक्षी रहा है। वर्ष 2014 से पूर्व का समय ऐसा दौर था जब देश में भ्रष्टाचार, नीतिगत अस्थिरता और प्रशासनिक शिथिलता को लेकर व्यापक जन असंतोष दिखाई देता था। बड़े-बड़े घोटाले राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुके थे और जनता के बीच यह धारणा मजबूत हो रही थी कि व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही का अभाव है। आम नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा था, जबकि देश की विकास यात्रा अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही थी।



उस समय देश के अनेक गांवों तक बिजली नहीं पहुंची थी। करोड़ों परिवार लकड़ी और कोयले के चूल्हों पर भोजन बनाने को विवश थे, जिसके कारण माताओं और बहनों को धुएं से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लाखों घरों में शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऊर्जा संकट, कोयले की कमी और बिजली आपूर्ति में व्यवधान आम बात थी। देश ने ऐसे दौर भी देखे जब राष्ट्रीय ग्रिड फेल होने से करोड़ों लोग अंधेरे में डूब गए। आधारभूत संरचना का विस्तार अपेक्षाकृत धीमा था और भारत अपनी विशाल क्षमता के बावजूद वैश्विक मंच पर उस प्रभाव के साथ उपस्थित नहीं हो पा रहा था जिसकी उससे अपेक्षा की जाती थी।

इसी कालखंड में एक ऐसे नेतृत्व का उदय हुआ जिसने अपने कार्यों और प्रशासनिक दृष्टिकोण से पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। गुजरात में विनाशकारी भूकंप के बाद पुनर्निर्माण और विकास की कहानी ने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और स्पष्ट नीति से असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में गुजरात मॉडल और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को केंद्र में रखकर जनता के बीच जाने का निर्णय लिया। यह निर्णय भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ सिद्ध हुआ।

वर्ष 2014 में लगभग तीन दशकों के बाद देश को केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली सरकार मिली। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी सरकार ने शासन, विकास और जनकल्याण को केंद्र में रखकर अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की, जिनका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना था।

प्रधानमंत्री जन धन योजना ने करोड़ों लोगों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर वित्तीय समावेशन का नया अध्याय लिखा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने करोड़ों गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने गरीब और वंचित परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का अभूतपूर्व कवच प्रदान किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। जल जीवन मिशन ने हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने गांवों को बेहतर संपर्क मार्गों से जोड़ा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की।

इसके साथ ही डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, महिला सशक्तिकरण अभियान, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा अनेक अन्य पहलों ने देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले। इन योजनाओं ने न केवल जनकल्याण को गति दी बल्कि भारत को 21वीं सदी की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पिछले बारह वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जो भारत कभी वैश्विक निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण बाजार माना जाता था, वही भारत आज विश्व के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल है। एक्सप्रेस-वे, राजमार्ग, रेलवे कॉरिडोर, आधुनिक हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक नेटवर्क भारत के विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे प्रकल्प विकास की नई धारा का प्रतीक बन चुके हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत ने नई दृढ़ता का परिचय दिया है। आज भारत केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने वाला राष्ट्र ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सामरिक संतुलन को प्रभावित करने वाली शक्ति के रूप में उभर रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक और आतंकवाद के विरुद्ध कठोर नीति ने यह संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति किसी भी प्रकार की चुनौती को स्वीकार नहीं करेगा।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुए प्रयासों ने भारत को नई पहचान दी है। आज भारत रक्षा उपकरणों का केवल आयातक ही नहीं बल्कि निर्यातक भी बन रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल, सारंग तोप, स्वदेशी रडार प्रणाली, आधुनिक युद्धपोत और स्वदेशी रक्षा उपकरणों की मांग विश्व के अनेक देशों में बढ़ रही है। यह भारत की बढ़ती सामरिक और तकनीकी क्षमता का प्रमाण है।

विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी भारत ने नए इतिहास रचे हैं। चंद्रयान मिशन की सफलता ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला राष्ट्र बनाया। मंगलयान मिशन ने सीमित संसाधनों में असाधारण उपलब्धि हासिल कर पूरी दुनिया को भारत की वैज्ञानिक क्षमता का परिचय दिया। आज भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

भारत की डिजिटल क्रांति विश्व के लिए अध्ययन का विषय बन चुकी है। यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली ने वित्तीय लेनदेन की परिभाषा बदल दी है। आज भारत में होने वाले डिजिटल भुगतान अनेक विकसित देशों की कुल डिजिटल लेनदेन प्रणाली से भी अधिक हैं। डिजिटल इंडिया अभियान ने शासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनकेंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोरोना महामारी के दौरान भी भारत ने अपनी क्षमता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया। जब विश्व के अनेक देश संकट से जूझ रहे थे, तब भारत ने न केवल अपने नागरिकों के लिए वैक्सीन विकसित की बल्कि अनेक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराकर मानवता की सेवा का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। यह भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना का जीवंत प्रमाण था।

आज भारत का युवा विश्व मंच पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। खेल, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय प्रतिभाएं वैश्विक पहचान बना रही हैं। यह एक ऐसे भारत की तस्वीर है जो आत्मविश्वास से भरा हुआ है, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करता है और जो विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है।

पिछले बारह वर्षों में भारत ने केवल विकास की गति नहीं पकड़ी, बल्कि एक नए आत्मविश्वास, नई कार्यसंस्कृति और नए राष्ट्रीय संकल्प का निर्माण किया है। आज देश के 22 से अधिक राज्यों में भारतीय जनता पार्टी या उसके सहयोगी दलों की सरकारें जनता की सेवा में कार्यरत हैं। यह व्यापक जनसमर्थन उस विश्वास का प्रतीक है जो देश की जनता ने विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के एजेंडे के प्रति व्यक्त किया है।

यदि 2014 से पहले का भारत संभावनाओं का भारत था, तो 2026 का भारत उन संभावनाओं को उपलब्धियों में बदलने वाला भारत बनकर उभरा है। यह आत्मनिर्भरता, समृद्धि, सुरक्षा, तकनीकी प्रगति और वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ते राष्ट्र की गाथा है। यह नए भारत की कहानी है—एक ऐसे भारत की, जो अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर उज्ज्वल भविष्य की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।यह संस्करण लेख, पुस्तिका, वेबसाइट या स्मारिका में प्रकाशित करने योग्य शैली में तैयार किया गया है।

लेखक
अर्पित मिश्रा
(भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश सोशल मीडिया सदस्य तथा काव्यांजलि एवं भावांजलि के रचयिता )

Add a Comment

Your email address will not be published.

Recent Posts