राजभवन शिमला में होगा हिन्दी का गद्य साहित्य ग्रन्थ का लोकार्पण।


ऐतिहासिक होगा इस ग्रंथ के 16वें  संस्करण का लोकार्पण समारोह, जुटेंगे साहित्य और इतिहास के विद्वान



विशेष संवाददाता

शिमला /गोरखपुर/ लखनऊ।
हिंदी साहित्य के इतिहास की ऐतिहासिक कृति हिंदी का गद्य साहित्य के 16वें संस्करण का लोकार्पण 3 सितंबर को राजभवन शिमला में होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक समारोह में देश के दिग्गज साहित्यकार और इतिहासकार शामिल हो रहे हैं। हिंदी समालोचना के प्रख्यात साहित्यकार आचार्य रामचंद्र तिवारी की यह कृति हिंदी के गद्य साहित्य के इतिहास को प्रामाणिक रूप से व्याख्यायित करती है।


साहित्यकार ,आलोचक ,उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान , लखनऊ के प्रतिष्ठित हिन्दी गौरव सम्मान  वर्ष , 2006  से सम्मानित तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय,गोरखपुर उत्तर प्रदेश के हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष स्व.आचार्य राम चन्द्र तिवारी जी का यह प्रतिष्ठित संदर्भ ग्रंथ है।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री शिवप्रताप शुक्ल के हाथों  राजभवन हिमाचल प्रदेश, शिमला में यह आयोजन होगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो चित्तरंजन मिश्र, पूर्व प्रति कुलपति महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा ( महाराष्ट्र ) तथा पूर्व विभागाध्यक्ष हिन्दी विभाग, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ,गोरखपुर  तथा प्रो हिमांशु  चतुर्वेदी, निदेशक भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान राष्ट्रपति निवास, शिमला हिमाचल प्रदेश की उपस्थिति होगी।
इस पुस्तक का प्रथम संस्करण आज से लगभग 70 वर्ष पूर्व वर्ष 1955 में वाराणसी के विश्वविद्यालय प्रकाशन चौंक से प्रकाशित हुआ था। उस समय आचार्य रामचंद्र तिवारी गोरखपुर के महाराणा प्रताप पी जी कालेज में बतौर प्रवक्ता कार्यरत थे।
इस पुस्तक के 15 वे संस्करण का लोकार्पण गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर उत्तर के संवाद भवन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो पूनम टण्डन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में  राज्यपाल हिमाचल प्रदेश  श्री शिवप्रताप शुक्ल ने 04 फरवरी, 2024 को किया था।

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