कबीर फाउंडेशन द्वारा सिलाई प्रशिक्षण शिविर आयोजित, 50 बालिकाओं ने सीखा स्वरोजगार का कौशल।
महोबा: महिलाओं के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कबीर फाउंडेशन द्वारा सिलाई प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड के सीएसआर जेंडर समानता कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय हाई स्कूल दुलारा, ब्लॉक पनवाड़ी, तहसील कुलपहाड़, जनपद महोबा में संपन्न हुआ। शिविर में आसपास के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की लगभग 50 बालिकाओं ने भाग लेकर सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को सिलाई मशीन संचालन, कपड़ों की कटिंग, बेसिक एवं एडवांस स्टिचिंग तथा परिधान फिनिशिंग की जानकारी दी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और अधिकांश बालिकाओं ने पहली बार सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कबीर फाउंडेशन की प्रतिनिधि ज्योति गुप्ता ने बताया कि संस्था बुंदेलखंड क्षेत्र में महिलाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के स्थायी मॉडल पर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी का सहयोग ग्रामीण बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगा और भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रदान करेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि श्री डी पी सिंह, राजकीय उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रेमचंद अनुरागी, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री कालका प्रसाद गुप्ता, जागृति गुप्ता, विद्यालय के अध्यापक श्री हरिश्चंद्र, श्री मूलचंद्र तथा प्रशिक्षक सोमवती राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इसके साथ ही ग्राम के अनेक गणमान्य नागरिकों एवं अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बनाया।
प्रशिक्षण में भाग लेने वाली बालिकाओं ने नई कला सीखने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इस कौशल से वे घर पर ही सिलाई कार्य शुरू कर आय अर्जित कर सकेंगी। स्थानीय शिक्षकों और ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी छात्राओं को सम्मानित किया गया तथा उनके द्वारा तैयार किए गए परिधानों का प्रदर्शन किया गया। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि ऐसे प्रयास भविष्य में महिलाओं की आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और लैंगिक समानता को और सुदृढ़ करेंगे।
