स्मृति शेष: विनोद कुमार शुक्ल

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का आज मंगलवार को रायपुर एम्स में निधन हो गया। 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। रायपुर एम्स में उनका इलाज चल रहा था। सांस लेने में दिक्कत के कारण उन्हें वेंटिलेटर में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था।
प्रसिद्ध उपन्यासकार, लेखक और कवि विनोद कुमार शुक्ल ने उपन्यास एवं काव्य विधाओं में साहित्य का शानदार सृजन किया था। सन 1971 में उनकी पहली कविता ‘लगभग जयहिंद’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। उनके मुख्य उपन्यासों में ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ , ‘नौकर की कमीज’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं। फिल्मकार मणिकौल ने साल 1979 में ‘नौकर की कमीज’ नाम से आये उनके उपन्यास पर  बॉलीवुड फिल्म भी बनाई है। शुक्ल के दूसरे उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी ‘ को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल है। वे हिंदी साहित्य में अपने प्रयोगधर्मी लेखन के लिए प्रख्यात रहे हैं। उनकी लेखनी सरल सहज और अद्वितीय शैली के लिए जानी जाती है।

प्रमुख कृतियां
उपन्यास:
‘नौकर की कमीज़ ‘ वर्ष 1979
‘खिलेगा तो देखेंगे ‘ वर्ष 1996
‘दीवार में एक खिड़की रहती थी ‘ वर्ष 1997
‘हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़ ‘ वर्ष 2011
‘यासि रासा त ‘ वर्ष 2016
‘एक चुप्पी जगह’ वर्ष 2018
कहानी संग्रह
‘पेड़ पर कमरा ‘ वर्ष 1988
‘महाविद्यालय ‘ वर्ष 1996
‘एक कहानी ‘ वर्ष 2021
‘घोड़ा और अन्य कहानियाँ ‘ वर्ष 2021

काव्य संग्रह:
‘लगभग जयहिंद ‘ वर्ष 1971
‘वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह’ वर्ष 1981
‘सब कुछ होना बचा रहेगा ‘ वर्ष 1992
‘अतिरिक्त नहीं ‘ वर्ष 2000
‘कविता से लंबी कविता ‘ वर्ष 2001
‘आकाश धरती को खटखटाता है ‘ वर्ष 2006
‘पचास कविताएँ’ वर्ष 2011
‘कभी के बाद अभी ‘ वर्ष 2012
‘कवि ने कहा ‘ -चुनी हुई कविताएँ वर्ष 2012
‘प्रतिनिधि कविताएँ ‘ वर्ष 2013
कहानी/कविता पर पुस्तक
‘गोदाम’, वर्ष 2020.
‘गमले में जंगल’, वर्ष 2021

पुरस्कार:
साल 2024 में 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार समग्र साहित्य पर प्राप्त
‘गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप ‘ (मध्य प्रदेश शासन)
‘रजा पुरस्कार ‘ (मध्यप्रदेश कला परिषद)
‘शिखर सम्मान ‘ (म.प्र. शासन)
‘राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान ‘ (मध्य प्रदेश शासन)
‘दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान’ (मोदी फाउंडेशन)
‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, (भारत सरकार)
‘हिन्दी गौरव सम्मान’ (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, उत्तर प्रदेश शासन)
‘मातृभूमि’ पुरस्कार, वर्ष 2020 (अंग्रेजी कहानी संग्रह ‘ब्लू इज लाइक ब्लू’ के लिए)
साल  2021 साहित्य अकादमी नई दिल्ली के सर्वोच्च सम्मान ‘महत्तर सदस्य’ चुने गये।

ॐ शांति।।

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