अमौरा में हर्षोल्लास से मनाई गई महामना मालवीय जी की 164वीं जयंती, अटल बिहारी वाजपेयी को भी किया गया नमन।
सेवराई: प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुवार, दिनांक 25 दिसंबर 2025 को अंग्रेजी मतानुसार जनपद गाजीपुर के सेवराई तहसील अंतर्गत ग्राम अमौरा स्थित श्रीराधाकृष्ण मंदिर में भारत रत्न, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं सनातन धर्म के प्रखर ध्वजवाहक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की 164वीं जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर राष्ट्रवादी नेता एवं ‘परमाणु मैन’ के रूप में विख्यात स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को भी “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” के उद्बोधन के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलगीत एवं शांति पाठ के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों एवं ग्रामवासियों ने महामना मालवीय जी तथा अटल बिहारी वाजपेयी जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में गहमर निवासी एवं बारा इंटर कॉलेज के अंग्रेजी प्रवक्ता श्री मृत्युंजय उपाध्याय जी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में महामना मालवीय जी के शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में दिए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, ओजस्वी वाणी और वैज्ञानिक सोच की सराहना करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का महान शिल्पकार बताया।
कार्यक्रम में जय प्रकाश उपाध्याय, डॉ. राम प्रकाश उपाध्याय, ललित तिवारी, नारायण सिंह, विकास बहादुर सिंह, सत्य प्रकाश चौबे, अजीत सिंह, अवनीश, सूरज, प्रकाश, गोलू, पद्मेश सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महामना मालवीय जी और अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और आदर्शों की अनुपम मिसाल है, जिससे आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम का सफल संचालन जनमेजय उपाध्याय द्वारा किया गया। अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रहित में कार्य करने एवं महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लेकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
