रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को मिला ऐक्स- रे की आधुनिक मशीन।

रेवतीपुर। जनपद में पायलट प्रोजेक्ट के तहत नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्थित ऐक्स- रे मशीनों में ए आई तकनीक पर आधारित डीप सी एक्स आर इंस्टाल किया जा रहा है, जिसमें रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर भी यह सुविधा उपलब्ध करा दिया गया है।।

स्थानीय सीएचसी में‌ चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी अधिकारी डाक्टर अमर कुमार के निगरानी में स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम के डाक्टर बीजी विनोद, राहुल चहल और वेंकटेश शर्मा की टीम ने हाई रेवोल्यूशन क्षमता वाली डिजिटल एक्सरे मशीन को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से भी जोड़ दिया है,इसके तहत टीम ने इसमें आधुनिक साफ्टवेयर का इंस्टालेशन कर दिया है। जिसके बाद अब यह रेवतीपुर सीएचसी जिले के उन गिने चुने स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल हो गया है, जहाँ डिजिटल एक्सरे मशीन को एआई तकनीकी से जोडा गया है, उक्त टीम के चिकित्सकों के मुताबिक इस तकनीकी के बाद अब एक्सरे की रिपोर्ट में बीमारियों की पहचान तेजी व सटीकता से हो सकेगी। इसके अलावा कई अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के डिजिटल एक्सरे मशीन को इस एआई तकनीकी से जोडने की तैयारी है, एआई तकनीक जुड़ने के बाद मशीन से प्राप्त छवियों का विश्लेषण और भी आसान हो जाएगा, डिजिटल एक्सरे मशीन में इस एआई से जुडने के बाद एक्सरे करते ही फेफडे का पूरा हाल सामने होगा।एआई से फेफड़ों में होने वाली 16 पैटर्न से जुड़ी बीमारियों का पता फौरन लग जाएगा। उक्त टीम के चिकित्सकों के मुताबिक इसकी रिपोर्ट आनलाइन भी अपलोड की जा सकेगी।बताया कि एआई टूल को इस तरह विकसित किया गया है कि वह किसी भी बीमारी में फेफड़ों में हो रहे बदलाव के पैटर्न को पहचान सके। इस टूल की मदद से 16 प्रकार के पैटर्न को पहचानने में सफलता मिल गई है। यह पैटर्न अलग-अलग बीमारियों के होते हैं। जिसमें फेफड़े में होने वाली निमोनिया, एडिमा, फाइब्रोसिस, डायाफ्राम की हार्निया, कोविड, कैंसर, फेफड़ों की झिल्ली में सूजन, पानी भरना व गांठ शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) ने कई क्षेत्रों में बड़ी क्रांति की शुरुआत कर दी है. पढ़ाई से लेकर मेडिकल तक के क्षेत्र में इसका अलग-अलग इस्तेमाल हो रहा है. AI-पावर्ड एक्स-रे मशीनें अब ट्यूबरकुलोसिस (TB) की जल्दी पहचान करने में मददगार साबित हो रही हैं।
इस अवसर पर एक्स-रे टेक्निशियन इरफान,युगल किशोर पाठक, डॉक्टर अमित चौबे,डॉक्टर इंद्रपाल,डॉक्टर सादिया सिद्दीकी,डॉक्टर सजिदिन,डॉक्टर स्मिता,अभिषेक,आशुतोष,अजय आदि चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

इस तकनीक की सहायता से आनलाइन रिपोर्ट तैयार किया जाएगा और मरीज को तुरंत रिपोर्ट प्राचीन करने में सहायक होगी। गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रेवतीपुर में इस तकनीक को इंस्टाल करने वाली टीम में डा० वी. जी. विनोद और डब्लू. एच.ओ. के परामर्श  दाता राहुल चहल जी शामिल हैं, जिसका नेतृत्व क्षय रोग के वरिष्ठ परवेक्षक वैंक्टेश कुमार कर रहे हैं। जिले में जिन आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है उसमें कासिमाबाद, बिरनो, मनिहारी, जखनियां, सादात, सुभाकरपुर, करंडा और भदौरा शामिल हैं।

डा० वैक्टेश ने बताया कि यह तकनीक ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधा मे मील का पत्थर साबित होगी और रोग के पहचान और उपचार में कम समय लगेगा।। डा० वैंक्टेश कुमार ने बताया कि रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात कर्मचारियों ने इस सुविधा को त्वरित कार्यान्वयन में विशेष सहयोग दिया।।

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